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NAKSHATRA 16 / 28

चित्रा — शक्तिकूट

क्रें क्रों त्रां त्रीं

नक्षत्र विवरण वर्तमान प्रचलित Astrology और Astronomy के निर्धारित मापदण्डों से परे है! Reader has the full right not to believe it.

शांत, सभ्य, सुसंस्कृत तथा हस्त के समस्त झंझटों से मुक्त—बशर्ते कि यह स्वयं हस्त की पकड़ से मुक्त हो।

चित्रा का उदाहरण आप एक ऐसी अभिनेत्री से समझ सकते हैं, जिसे नृत्य करने का कोई शौक नहीं, फिर भी हस्त नामक निर्देशक के इशारों पर नाचने के लिए विवश होना पड़ता है।

चित्रा को आप सती-सावित्री के साथ माता सीता के समान भी समझ सकते हैं। हरण की परिस्थिति में भी इनकी मर्यादा और स्वतंत्र सहमति अडिग रहती है; इनके बिना संबंध स्थापित करना असंभव है।

काल भले ही इनके लिए अपने सिद्धांत न बदले, किंतु नियति इनके सामने अपने सिद्धांत बदल सकती है।

इनके साथ बलप्रयोग के ऐसे गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं, जो चौरासी लाख योनियों में भी पीछा नहीं छोड़ते।

फाँसी के मुजरिमों को जब फाँसी से बचने का कोई मार्ग दिखाई नहीं देता, तब इस शक्तिकूट की शरण में जाना पड़ता है। यदि नियति ने फाँसी निर्धारित कर रखी है, तो इनके दरबार में फाँसी का फंदा भी कट सकता है।

यही शिवदूती हैं और तपस्या ही इनका मूल है।

रक्षा इनका मूल विषय है और साथ ही एक अदृश्य अंकुश भी। स्वयं को महाबली समझने वाले दानव भी इनकी तपस्या में खलल डालने का साहस नहीं करते।

ये अपनी लगभग समस्त समस्याओं को स्वयं तक ही सीमित रखती हैं। अपनी पीड़ा, संघर्ष और परिस्थितियों का अनावश्यक प्रदर्शन करना इनके स्वभाव में नहीं है।

इस शक्ति के विषय में अधिक कहना भी इसकी गरिमा का अपमान होगा।

चित्रा की वास्तविक प्रकृति एवं शक्तिकूट से संबंधित गूढ़ जानकारी केवल चित्रा नक्षत्र में जन्मे जातकों को व्यक्तिगत रूप से प्रदान करना ही उचित है।

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