रैं रौं क्रां क्रीं
नक्षत्र विवरण वर्तमान प्रचलित Astrology और Astronomy के निर्धारित मापदण्डों से परे है! Reader has the full right not to believe it.
कूट: महाकाली कूट (Mahakali Koot)
रानी और महारानी के बीच जो अंतर है, वही अंतर यहाँ पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी के बीच समझा गया है।
पूर्वाफाल्गुनी की वैतरणी शक्ति जहाँ अपने विशिष्ट स्वरूप में प्रकट होती है, वहीं उत्तराफाल्गुनी में शक्ति का केंद्रीय अधिष्ठान ककारवर्णा, क्रीं महाकाली के रूप में प्रतिष्ठित है।
ककारवर्णा क्रीं महाकाली को ही भव की भवानी जानने में उद्धार का रहस्य निहित है।
यहाँ शक्ति की व्याख्या केवल उसके प्रकट स्वरूप से नहीं, बल्कि उसके मूल अधिष्ठान से की जाती है। रानी और महारानी का अंतर केवल संबोधन का नहीं, बल्कि अधिकार, सामर्थ्य और केंद्रीय सत्ता का है।
इस कूट से संबंधित गूढ़ ज्ञान को कंसल्टेंट जानबूझकर सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं करना चाहता।
महाकाली कूट का विस्तृत ज्ञान केवल विशेष अनुरोध पर प्रदान किया जाएगा, और वह भी उन्हीं व्यक्तियों को, जिनका जन्म कंसल्टेंट द्वारा निर्धारित विशिष्ट नक्षत्रों में हुआ हो।
इस विषय में पात्रता का अंतिम निर्धारण कंसल्टेंट के विवेकाधीन रहेगा।
यहाँ सार्वजनिक व्याख्या समाप्त होती है।